नागरिकता संशोधन कानून वोट की राजनीति के लिए नहीं बल्कि मानवता की भलाई के लिए – केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान।

0
Advertisement


केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नागरिक संशोधन कानून वोट की राजनीति के लिए नहीं बल्कि मानवता की भलाई के लिए बनाया है। यह कानून किसी की नागरिकता को छिनने के लिए नहीं बल्कि नागरिकता देने के लिए है। विपक्ष इस कानून को लेकर देश में भ्रम फैला रहे हैं, इसके लिए देश की जनता को उनकी नीति को समझना होगा।

वे सोमवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में नागरिक संशोधन कानून 2019 की जानकारी देने के लिए प्रैस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नागरिक संशोधन कानून भाजपा के वर्ष 2014 के चुनावी एजेंडे में रखा गया था जिसे वर्ष 2016 में संसद में पेश किया गया परंतु किसी कारण से वह पास नहीं हो सका। भाजपा ने इस कानून को लाकर कोई नया काम नहीं किया इससे पहले भी वर्ष 1955 में नागरिकता कानून बनाया गया था। अब वर्तमान सरकार ने उसमें संशोधन किया है, पहले नागरिकता 11 वर्ष तक देश में रहने वाले शरणार्थी को दी जाती थी परंतु अब इसको घटाकर 5 वर्ष किया गया है।

Advertisement


उन्होंने कहा कि इस कानून से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में नरकीय जीवन जी रहे लोगों को भारत में शरण मिल सकेगी। इसलिए यह कानून राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं बल्कि मानवता की भलाई के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि 1971 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने युगांडा व श्रीलंका के शरणार्थियों को भी भारत की नागरिकता दी थी। उस समय किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। कांग्रेस पार्टी देश में कानून के प्रति भ्रम फैलाकर दबाव बनाना चाहती है। कांग्रेस की इस मंशा को देश के नागरिकों को समझना होगा।

मंत्री ने कहा कि विपक्ष वोट बैंक की राजनीति करने के लिए भ्रम फैलाकर मुसलमानों में यह दुष्प्रचार कर रहा है कि यह कानून मुसलमानों की देश से नागरिकता छिन लेने का कानून है जबकि यह कानून केवल नागरिकता देने का कानून है। लोगों के विपक्ष के ब्यानों की परवाह नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ननकाना साहिब में जो हुआ, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान, बंग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दु, सिख, जैन, बौद्ध और फारसी भाई-बहनों के साथ कितना दुव्र्यवहार होता होगा।

उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23 प्रतिशत थी, परन्तु 2011 में घटकर वह संख्या मात्र 3. 7 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में 2 लाख अल्पसंख्यक थे परंतु आज उनकी संख्या मात्र 500 रह गई है। देश के लोगों को इसका अनुमान लगाना होगा कि यह लोग कहां गए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जो भी फैसले लिए जाते है वह देशहित में होते है। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल संसद में पास हो गया, अब यह पूरे देश में लागू होगा। इस कानून के लागू होने से पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के हिन्दु, सिख, जैन, बौद्ध, फारसी और ईसाई धर्म के वो लोग, जिन्होंने 31 दिसम्बर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया था, वो ही नागरिकता के पात्र होंगे।

उन्होंने बताया कि इस कानून के बारे में आमजनता को जानकारी देने के लिए जनजागरण अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत सामाजिक संगठन और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर नागरिकता संशोधन बिल के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद ने मुख्य अतिथि का पुष्प का गुच्छा देकर स्वागत किया।

इस मौके पर सांसद संजय भाटिया, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद, प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष निर्मला बैरागी, जिला महामंत्री राजबीर शर्मा, भाजपा मीडिया प्रभारी शमशेर नैन, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, पूर्व विधायक स. बख्शीश सिंह, रमेश कश्यप, केशकला बोर्ड के उपाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, पंजाबी साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह धमीजा, करनाल मार्किट कमेटी के अध्यक्ष जयपाल शर्मा, कुंजपुरा मार्किट कमेटी के अध्यक्ष ईलम सिंह, मंडलाध्यक्ष प्रवीण लाठर, दीपक गुप्ता व अमर ठक्कर सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Advertisement


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.