बेटी का भविष्य संवारने व सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्घि खाता योजना एक वरदान।

0
Advertisement


शेयर करें।
  • 8
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    8
    Shares

  • बेटी का भविष्य संवारने व सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्घि खाता योजना एक वरदान।
  • जिला के अभिभावकों से अपील, ज्यादा से ज्यादा खाते खुलवाएं:-उपायुक्त।

देश में हर बेटी के लिए पैसा बचाना यानि बचत जरूरी है। इस विचार पर भरोसा जगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करीब 4 वर्ष पहले हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढाओं अभियान की शुरूआत की थी। कन्या समृद्घि खाता योजना इस अभियान का ही एक हिस्सा है। घरेलू बचत के लिए सरकार की यह एक अच्छी पहल थी।

करनाल जिला के उपायुक्त आदित्य दहिया ने बुधवार को सुकन्या समृद्घि खाता के सम्बंध में इसकी विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि माता, पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लडकियों के लिए  यह खाता खोल सकते हैं। लडकी की ऊमर 0 से10 साल तक सुकन्या समृद्घि एकाऊंट खोला जा सकता है।

Advertisement


पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। एकाऊंट लडकी के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक ) माता, पिता में से एक होगा जो नाबालिग लडकी की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रूपए से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम 1 हजार रूपए हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ लाख रूपए वर्ष में जमा किए जा  सकते है। एक वित्त वर्ष में कितनी बार पैसे जमा किए जाएं, इस पर कोई पाबन्दी नहीं है। पैसे नकद, चैक या ड्राफट के जरिए जमा किए जा सकते है।

उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तिय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाऊंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है।

जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत: टैक्स फ्री है तथा इसमे  आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है। उन्होंने बताया कि बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लडकी की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद भी बंद किया जा सकेगा।

उपायुक्त ने बताया कि खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फोटो पहचान पत्र( पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड ) की जरूरत पड़ती है। यह खाता पोस्ट ऑफिस  या अधिकिृत बैंक ों में खुलवाया जा सकता है। उन्होंने जिला के अभिभावकों से कहा है कि बेटियों के सुरक्षित व सुखद भविष्य के लिए अधिक से अधिक सुकन्या समृद्घि खाते खुलवाएं।


शेयर करें।
  • 8
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    8
    Shares
Advertisement













LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.