श्री रामलीला सभा की ओर से रामलीला भवन में रामलीला का मंचन

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श्री रामलीला सभा की ओर से रेलवे रोड स्थित रामलीला भवन में आयोजित की जा रही श्री रामलीला के पांचवे दिन राम वनवास का मंचन किया गया। राजा दशरथ अपनी अवस्था को देख कर अपने ज्येष्ठ पुत्र राम को राज्य सौंपने का निर्णय करते हैं और राजतिलक की घोषणा करवा देते हैं। राजतिलक की घोषणा सुनकर दासी मंथरा रानी कैकई को अपने पुत्र भरत के लिए राज तिलक करवाने को राजा दशरथ से कहने को कहती है।

रानी कैकई दासी मंथरा की बातों में आकर राजा दशरथ से अपने लिए दिए गए दो वरदानों को मांगती हैं जिसमें पहले वरदान में भरत को राज गद्दी और दूसरे में राम के लिए 14 बरस का वनवास मांगती है। इस पर राजा दशरथ दुखी हो जाते हैं और कैकई से वरदान वापस लेने को कहते हैं, परंतु रानी कैकई अपनी जिद पर अड़ जाती हैं और राजा दशरथ राम, लक्ष्मण, सीता को बहुत ही दुखी मन से वनवास भेजते हैं।

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राम लक्ष्मण सीता को वनवास जाते देखकर और राजा दशरथ का अभिनय कर रहे कलाकार का मंचन देखकर दर्शकों की आंखें भर आती हैं। इस मौके पर सुषमा कौशिक ने कलाकारों को अपनी सुरीली आवाज दी। सभा के प्रधान अजय जैन, महासचिव गौरव गर्ग, नरेश जयसवाल व अनिरूद्ध दीवान ने बताया कि हर वर्ष की तरह से विजय दश्मी पूर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। आठ अक्तूबर को सेक्टर चार के मैदान में भव्य आयोजन होगा। इसी दिन रामलीला भवन से दशहरा स्थल तक शोभायात्रा निकाली जाएगी।

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