पुलिस कप्तान द्वारा अपराधिक गोष्ठी का आयोजन कर अधिकारीयों को नाक, कान, आंख खोलकर मुस्तैदी से कार्य करने के दिए निर्देष

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पुलिस अधीक्षक करनाल सुरेन्द्र सिंह भौरिया द्वारा सै0-12 स्थित लघु-सचिवालय के जिला पुलिस कार्यालय में अपराधों की समीक्षा के लिए अपराधीक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जिला पुलिस करनाल के सभी उप-पुलिस अधीक्षक व प्रबंधक थाना मौजुद रहे। आज की इस मिटिंग में एफ.एस.एल. से संदीप मान और मैडम कमलेष गिल भी शामिल हुए और उन्होंनें बताया कि अब एफ.एस.एल. में जांच के लिए नमुना भेजने के लिए विधि में परिर्वतन किया गया है।

उन्होंनें बताया कि अब नमूने पर एफ.आई.आर. नं0 या मुदई व पिड़ित की पहचान के संबंध में कुछ नहीं लिखा जाएगा, अब आनलाइन सिस्टम से एक बार कोड जनरेट होगा और जिसे नमुने पर चिपकाकर उसे एफ.एस.एल. में भेजा जाएगा। इससे नमुने की जांच रिर्पोट को पूर्णरूप से गुप्त रखा जा सकता है और किसी भी प्रकार के फेर बदल की हर संभावना खत्म हो जाएगी। इसके बाद पुलिस कप्तान द्वारा मिटिंग में सभी अधिकारीयों व कर्मचारीयों के साथ अपराधों को लेकर समीक्षा की।

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महिला विरूध अपराधों पर तुरंत कार्यवाही के दिए आदेष

मिटींग के दौरान एस.पी. साहब ने सभी अधिकारीयों को महिला विरूध अपराधों को प्राथमिक तौर पर दर्ज कर उसकी जांच करने के लिए आदेष दिये। उन्होंने कहा कि महिला विरूध अपराध की षिकायत मिलने या उसकी जानकारी मिलने पर तुरन्त कार्यवाही अमल मे लाई जानी चाहिए। इसके साथ-2 महिला पुलिस हैल्प लाईन 1091 पर मिली षिकायतों पर प्राथमिकता से कार्यवाही करने बारे प्रबन्धक महिला थाना करनाल व प्रबंधक महिला थाना असंध को आदेष दिये गए। उन्होंने बताया कि 1091 पर प्राप्त षिकायतों का निपटारा करने में जिला पुलिस करनाल पूरे राज्य में दूसरे नंबर पर है।

आन लाईन मिलने वाली षिकायतों पर निर्धारित समय में करें कार्यवाही

भौरिया ने कहा कि सी.एम. विंडों, हर समय, पी.एम. पोर्टल या अन्य सभी प्रकार से आन लाईन मिलने वाली षिकायतों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की गई है। तो सभी प्रबंधक थाना अपने अनुसंधान अधीकारीयों को इस निर्धारित समय अवधी के बारे में बताकर, इसके दौरान ही उन्हें अपनी कार्यवाही पूरी करने के लिए बताए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी काम को लेकर अपने व अन्य सहकर्मीयों के लिए टारगेट बनाएं और हर काम की मॉनिटरिंग अच्छे ढंग से करते हुए कार्य को करें।

कानून व्यवस्था को दूरूस्त रखने के लिए सजगता से करें काम

पुलिस कप्तान ने कहा कि अपने थाना या चैंकी के क्षेत्र में कानून व्यवस्था को दूरूस्त रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शराबनौसी करने वालों, शराबनौसी करके वाहन चलाने वालों, नषा कारोबारीयों पर अंकुष लगाना बहुत जरूरी है। इसके लिए हर पल सजग रहकर अपने क्षेत्र में गस्त व नाकाबंदी करना और आम लोगों के बीच जाकर उनकी पुलिस संबंधी समस्याओं के बारे जानकर उनका हल करना बहुत जरूरी है।

उन्होंनें कहा कि गर्मी की छुटृटीयां होने से ज्यादा लोग घुमने के उद्वेष्य से घरों से बाहर रहते हैं। जिस कारण इस दौरान रिहायषी इलाकों में अपनी पी.सी.आर. व राईडरों को ज्यादा गस्त करके अधिक मुस्तैदी से डयुटी करने के लिए कहें। उन्होंने सभी उप-पुलिस अधीक्षकों को कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र की पी.सी.आर. व राईडरों और दूर्गा शक्ति के वाहनों के प्वाइंट फिक्स करें व समय-समय पर निरंतर उनकी चैकिंग करते रहें।

महत्वपूर्ण मामलों की जांच प्रबंधक थाना स्वयं करें

अपराधों की समीक्षा के दौरान एस.पी. साहब ने कहा कि सभी प्रबंधक थाना थाने में दर्ज महत्वपूर्ण मामलों की जांच स्वयं करें या जो अनुसंधान अधिकारी उस मामले की जांच कर रहे हैं, उन्हें जांच मे सहायता कर मामले को शीघ्रता से हल करें। अपराधीक मामलों पर रोक लगाने के लिए उन्होंनें सभी सी.आई.ए. इन्चार्जों और प्रबंधक थाना को आदेष दिए कि जेल से पैरोल व जमानत पर आए सभी अपराधीयों पर नजर रखें व यदि उनके किसी वारदात में शामिल होने बारे शक हो तो पूछताछ कर मामले की जांच करें।


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