सरकार समस्या सुनने की बजाए लाठी मारने पर ज्यादा यकीन करती है-पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल

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लाठी या बल प्रयोग किसी समस्या का हल नहीं। कम्प्यूटर ऑपरेटर्स की जायज मांगे सरकार को मान कर उन्हें नियमित करना चाहिए। यह विचार नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष व हरियाणा विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चौधरी वेद पाल ने ओएसडी को ज्ञापन देने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर्स पर लाठियां बरसाने व जानलेवा कड़ाके की ठंड में ठंडे पानी की बौछारें करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपने निवास स्थान पर प्रकट किए। उन्होंने कहा कि सरकार समस्या सुनने की बजाए लाठी मारने पर ज्यादा यकीन करती है, जिस वजह से हर समुदाय व हर कर्मचारी वर्ग चाहे वह गैस्ट टीचर हो या बिजली विभाग का कर्मचारी हो या आम जनता हो हर एक सडक़ पर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहा है।
हरियाणा एनसीपी के सुप्रीमो चौधरी वेद पाल ने कहा कि कम्प्यूटर ऑपरेटर्स यदि 8 या 10 साल से अस्थाई तौर पर काम कर रहे हैं तो उनका क्या कसूर है? जो उन पर लाठियां बरसाई जा रही है। उन्होनें कहा कि सरकार अस्थाई तौर पर नियुक्ति करके और उनकी लम्बे समय तक सेवाएं लेने के बावजूद उनके व उनके साथ जुड़ी जिंदगियों के भविष्य को अंधकारमय कर रही है क्योंकि इस दौरान वे अपनी अस्थाई नौकरी के लालच में स्थायी नौकरियां पाने से भी वंचित हो जाते हैं और उम्र व अन्य योग्यताओं की समय-सीमा निकल जाने की वजह से वे अन्य नौकरियों के अवसर से भी वंचित रह जाते है जो कि चिंताजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सरकार को गंभीरता पूर्वक उनकी जायज मांगे पूरी करनी चाहिए और उनकी सुनवाई करनी चाहिए। उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की कि उन्हें तुरंत नियमित किया जाए।
चौधरी वेद पाल ने कहा कि सरकार समस्याओं पर अपनी आंखें व कान बंद किए हुए बैठी है जिस वजह से लोगों को मजबूरी में सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को गन्ने की पर्चियां मिलने में भारी दिक्कत आ रही है और शूगर मिलें उत्तर प्रदेश का गन्ना खरीद कर रहे हैं जिस वजह से हरियाणा के गन्ना उत्पादक किसानों को भारी दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पहले हरियाणा के गन्ना उत्पादक किसानों का गन्ना प्राथमिकता के आधार पर उठाए और उसके बाद किसी अन्य प्रदेश के किसानों का हरियाणा की शूगर मिले गन्ना लें। उन्होंने कहा कि तुरंत प्रभाव से उन किसानों को पर्चिया उपलब्ध कराई जाए जिन्होंने बॉड भर रखा है। उन्होंने हैरानी जताई कि बॉड भरने वाले किसानों को भी लगातार कई महीनों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और सरकार आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या सरकार की आंखें सडक़ों पर आने से ही खुलती हैं?
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री विजय पाल एडवोकेट, कार्यालय प्रभारी राधेश्याम गुप्ता, नरेश कुमार, अभिषेक, रोबिन सिंह, सुबे सिंह खुबड़, रोहन सिंह, रीक्षित कुमार, अभिनन्दन पाल ढांडा व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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