एनसीवीटी भारत सरकार से एफिलेटेड है वंडर वैली आई.टी.आई संस्थान, थ्योरी के साथ-साथ प्रेक्टिकल का भी दिया जाता है प्रशिक्षण

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करनाल, 23 अगस्त : वंडर वैली आई.टी.आई के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि तकनीकी शिक्षा बेरोजगारी को दूर कर विद्यार्थियों का मनोबल मजबूत करती है और वंडर वैली आई.टी.आई इसी दिशा में काम कर रहा है, ताकि विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा हासिल कर रोजगार की तरफ अग्रसर हो सके।

जानकारी देते हुए नरेश गुप्ता ने बताया कि वंडर वेली आई.टी.आई संस्थान की शुरूआत सन-2006 में इंद्री के बड़ा गांव से हुई थी। तब से लेकर अब तक संस्थान का एक ही लक्ष्य रहा है कि बच्चों को औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान कराकर उन्हें कुशल कारीगर बनाकर उन्हें रोजगार दिलाया जाएं। नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वंडर वैली आई.टी.आई अब तक हजारों छात्रों को औद्योगिक इकाईयों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार उपलब्ध करवा चुकी है जो अच्छा वेतन पाकर बढिय़ा जीवन यापन कर रहे है।

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उन्होंने कहा कि आज के युग में तकनीकी शिक्षा का अति विशिष्ट महत्व है। नरेश गुप्ता ने बताया कि वंडर वैली आई.टी.आई में दाखिले शुरू हो चुके है और विद्यार्थी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आकर अपना दाखिला करवा सकते है। इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट, चरित्र प्रमाण पत्र ,फोटो, फैमिली आईडी, जीमेल आईडी, जाति प्रमाण पत्र, हरियाणा निवासी प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक कॉपी इत्यादि लेकर संस्थान में आना होगा।

इसके साथ-साथ उन्होंने बताया कि दसवीं पास करने के बाद 2 साल की आईटीआई पास छात्र 12वीं पास के बराबर हो जाएगा केवल उसे एक लैंग्वेज पेपर देना पड़ेगा। वह छात्र बी.ए में भी एडमिशन ले सकता है। केंद्र सरकार द्वारा छात्रों को बहुत बड़ी राहत प्रदान की गई है आई.टी.आई में दाखिले 1 जुलाई से लेकर 15 सितंबर तक होने सुनिश्चित है। यह संस्थान गढ़ी बीरबल रोड पर गवर्नमेंट आईटीआई से 8 किलोमीटर दूर कुंजपुरा के पास स्थित है जो छात्रों के लिए बस पास सुविधा तथा सरकारी नियमों के अनुसार उपलब्ध है।

संस्थान द्वारा छात्राओं को निशुल्क बस पास सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। संस्थान एनसीवीटी भारत सरकार से एफिलेटेड है तथा छात्रों को सुचारू रूप से थ्योरी व प्रैक्टिकल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। संस्थान की वर्कशॉप में आधुनिक मशीनरी व औजार उपलब्ध है जिससे छात्र अपना प्रशिक्षण अनुभवी अनुदेशकों के मार्गदर्शन में ग्रहण करते हैं ताकि विद्यार्थी दस्तकारी सीखकर अच्छा दस्तकार बन सके जिससे वह रोजगार प्राप्त करके अपना तथा अपने परिवार का पालन पोषण करने में समर्थ हो जाए।

इसी उद्देश्य शिरोधार्य कर इस संस्थान की स्थापना ग्रामीण एरिया में की गई थी कि ताकी बच्चा हुनर सीख कर अपना बढिय़ा जीवन यापन कर सके। आई.टी.आई कोर्स कर आप सरकारी नौकरियों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते है। क्योंकि आईटीआई सर्टिफिकेट धारकों के लिए बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां निकलती है। आई.टी.आई कोर्स खास उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो तकनीकी शिक्षा हासिल कर नौकरी करना चाहते हैं।

आईटीआई करने के बाद में आप सरकारी और प्राइवेट नौकरी आसानी से पा सकते हैं तथा अपना खुद का रोजगार भी स्थापित कर सकते हैं। नरेश गुप्ता ने बताया कि इसमें बैंक में एम.एस.एम.ई कार्यालय द्वारा प्रचुर मात्रा में सब्सिडी वाला लोन प्रदान किया जाता है इन कोर्सों में अलग-अलग प्रकार के ट्रेड होते है आईटीआई के सरकारी व प्राइवेट कॉलेज मौजूद है और कई यूनिवर्सिटी भी इस प्रकार के कोर्स प्रोवाइड करती है. बता दें, जो छात्र आईटीआई से डिप्लोमा करता है, उसे किसी ना किसी एक विशेष ट्रेड से ही अपना डिप्लोमा प्राप्त करना होता है।

इच्छुक विद्यार्थी संस्थान में दाखिला सुनिश्चित करें और अपने भविष्य को उज्जवल बनाएं।





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