किसानों की अधिग्रहित जमीन पर कम मुआवजा देने पर किसानो ने सौंपा विधायक बक्शीश सिंह को ज्ञापन

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ट्रांस हरियाणा ग्रीन फिल्ड परियोजना के तहत बनाए जा रहे नए हाईवे 152-डी के लिए सरकार द्वारा किसानों की अधिगृहित जमीन का मुआवजा काफी कम दिया जा रहा है, जिसको लेकर असंध ब्लाक के नौ गांवों के किसान 12 दिनों
से धरने पर डटे हुए हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसान एकजुट हैं। शुक्रवार को असंध के विधायक बख्शीश सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से मुलाकात की।

विधायक ने किसानों की मांग पर उनके साथ चर्चा की और कहा कि किसानों की मांग जायज है। वह इस मांग को पूरा करवाने के लिए मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे। वह स्वयं भी किसान है और उनका दर्द समझते हैं। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा सत्र से पहले किसानों के प्रतिनिधिमंडल को सीएम से मिलवाएंगे। धरने की अध्यक्षता सुरेंद्र सिंह थल ने की। किसानों ने एक ज्ञापन विधायक को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, जिसमें दो करोड़ रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने व सीएम से मुलाकात करवाने की मांग की।

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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादूपुर ने कहा कि किसानों के लिए जमीन जान से भी बढक़र है। वह किसी भी कीमत पर अपनी जमीन का सौदा कौडिय़ों के भाव नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि असंध ब्लाक के नौ गांव, जिनमें गंगाटेहड़ी, पोपड़ा, झिमरीखेड़ा, बस्सी, राहड़ा, शर्फअली खेड़ी, थल, बाहरी व बिलौना के किसानों में प्रतिएकड़ कम मुआवजा मिलने के कारण भारी रोष है।

गांववासी मुआवजा बढ़वाने के लिए लामबद हो रहे हैं। किसान नेता राजेंद्र आर्य दादूपुर ने बताया कि ट्रांस हरियाणा ग्रीन फिल्ड परियोजना के तहत नव सृजित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 152-डी के न्यू इस्माइलाबाद (गंगहेड़ी) से नारनौल बाइपास तक सडक़ मार्ग बनाने के लिए असंध ब्लाक के नौ गांवों की 434 एकड़ जमीन को अधिगृहित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर केएम शर्मा को लगाया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र आर्य ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के सेक्शन 26 के अनुसार भूमि का अधिग्रहण मार्केट रेट के हिसाब से होना चाहिए, क्योंकि सेक्शन 26 में कलेक्टर रेट का कहीं भी जिक्र नहीं है, जबकि जिला राजस्व विभाग ने कलेक्टर रेट को मुआवजे का बेसिक रेट बनाया। राजेंद्र आर्य ने कहा कि करनाल जिला एनसीआर का हिस्सा है, जिसके चलते मुआवजा गैर एनसीआर क्षेत्रों से अधिक होना चाहिए। समय रहते अगर सरकार व प्रशासन नहीं जागा तो प्रदेशव्यापी किसान आंदोलन कर किसानों को उनका हक दिलवाया जाएगा।

इस अवसर पर मास्टर मनीराम शर्मा, चंदा सिंह टूर्ण, कुलदीप राणा, गुरदीप सिंह, फतेह सिंह, दरिया सिंह, शुगनचंद, सूरत सिंह, बलवान, चत्रु फौजी, लक्ष्मण सिंह, बलिहार सिंह, नर सिंह, प्रभु, सुखदेव, सतनाम, कर्ण सिंह, सूरजा व कुलदीप ढिल्लो आदि मौजूद रहे।

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