दवा विक्रेताओं का ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ ‘हल्ला बोल’

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जिला करनाल कैमिस्ट एसोसिएशन ने दवा की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय प्रशासन में उपायुक्त महोदय मार्फत एस.डी. एम. करनाल नरेन्द्र पाल मलिक व वरिष्ठ औषधि नियंत्रक ऑफिसर करनाल परविन्द्र मलिक को एक ज्ञापन दिया जिसमें ऑनलाइन दवा व्यापार में लिप्त कम्पनियों, व्यक्तियों, फर्मों व कौरियर सर्विस वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के लिए प्रार्थना की गई है।

एसोसिएशन के जिला प्रधान दिनेश अग्रवाल व स्थानीय प्रधान राम प्रसाद गोयल ने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के अनुसार ड्रग एवं कॉस्टमेटिक एक्ट के अनुसार ऑनलाइन दवा व्यापारी (ऑनलाइन दवाओं की फार्मेसी) द्वारा ऑनलाइन ड्रग बिक्री दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है।

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एआईओसीडी मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार ऑनलाइन दवा व्यापारी ड्रग एवं कॉस्टमेटिक एक्ट के प्रावधानों के अनुसार ऑनलाइन दवाओं की फार्मेसी भी कहा जाता है। अवैध व्यापार संचालन के इस संवेदनशील मुद्दे पर इस बहुत प्रतीक्षित आदेश का स्वागत करता है।

तमिलनाडु कैमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन जो कि आल इंडिया ऑर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स की एक संबद्ध इकाई ने मद्रास के माननीय उच्च न्यायालय में इसके लिए रिट दायर की थी। मद्रास उच्च न्यायालय की माननीय न्यायाधीश पुष्पा सत्यनारायण के आदेश के बाद दोनों पक्षों के साथ-साथ भारत के तमिलनाडु राज्य और सीडीएससीओ के अनेकानेक तर्कों के बाद आदेश पारित किया।

एक निर्णय में माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली जे.एस.वी. कामेश्वर राव ने एक दिल्ली के विख्यात त्वचा विशेषज्ञ डॉ. जहीर अहमद द्वारा दायर जनहित याचिका के सम्बन्ध में भी आदेश दिया है, जिसमें संबंधित राज्यों के डीसीजीआई और ड्रग कंट्रोलरों को ऑनलाइन फार्मेसियों द्वारा दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया इसके लिए 12 दिसम्बर 2018 को आदेश पारित किया गया।

याचिका पृष्ठभूमि

अपनी याचिका में डॉ. अहमद ने उदाहरण दिया कि केवल पर्चे पर उपलब्ध दवाएं ऑनलाइन कैसे बेची जा रही हैं। नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक पदार्थों वाली कुछ दवाएं भी ऑनलाइन फार्मेसियों द्वारा बिक्री के लिए उपलब्ध हैं और चूंकि ऑनलाइन फार्मेसी के पास रिटेल ड्रग लाईसेंस नहीं है, इसलिए वे ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत निर्धारित ड्रग इंस्पेक्शन शासन की सीमा से बाहर हैं। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र की एक पीठ मेनन और न्यायमूर्ति वी.के. राव ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया।

अग्रवाल ने बताया कि अगर इस सम्बन्ध में सुनवाई नहीं होती है तो ऑल इंडिया ऑर्गेनाईजेशन ऑफ केमिस्टस एंड ड्रगिस्ट के तत्वाधान में एक अवमानना याचिका ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया और राज्य ड्रग कंट्रोलर्स के खिलाफ शीर्ष अदालत में दायर करेगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जिला प्रधान दिनेश अग्रवाल व स्थानीय प्रधान राम प्रसाद गोयल, बलवान चौधरी, कंवरपाल सिंह, सुखदेव सोनी, बलदेवराज अग्रवाल, बलदेव खुराना, जोगिन्द्र खेतरपाल, मनमोहन शर्मा, अभिषेक गर्ग, रजनीश गुप्ता, राजीव गुप्ता व अंकुश गोयल उपस्थित रहे।


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