साहित्य से जुड़ने के लिए संस्कृति का ज्ञान होना जरूरी : डॉ. पवन शर्मा

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डी.ए.वी पी.जी कॉलेज में कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र के युवा एंव सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित साहित्यिक कार्यशाला के तीसरे दिन और समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, छात्र कल्याण एवं सांस्कृतिक परिषद के वाइस चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा ने ‌शिरकत की। वहीं कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली की डॉ. रिचा शर्मा, वरिष्ठ मीडियाकर्मी कमलदीप सहारण, भाषा ज्ञान विशेषज्ञ रोहित शर्मा ने भाग लिया।

प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कार्यशाला में आए हुए सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि साहित्यिक रचनाएं जीवन में आनंद भरने के साथ साथ मन को प्रसन्न रखती हैं। उन्होंने कहा कि मानव का साहित्य से प्रकृति की तरह ही गहरा रिश्ता रहा है।

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उन्होंने कहा कि किसी नृत्य, गायन के कार्यक्रम में तो हम आसानी से भारी भीड़ को जुटा सकते हैं, लेकिन जहां साहित्य की बात हो वहां विद्या‌र्थी कम जाना पसंद करते हैं। लेकिन इस कार्यशाला में मेजबान कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ साथ अन्य कॉलेजों से आने वाले विद्यार्थियों में भी काफी उत्साह रहा। जोकि कार्यशाला की सफलता को दर्शाता है।

समापन अवसर पर अतिथि डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय का उदेश्य ही युवा विद्यार्थियों को साहित्यिक कार्यशालाओं के माध्यम से देश की संस्कृति और साहित्य से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि समाज में धारणा है कि साहित्य से जुड़ने के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान हो, लेकिन साहित्य से जुड़ाव के लिए हमें संस्कृति का ज्ञान होना जरूरी है।

उन्होंने कार्यशाला में आए विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि साहित्य मनुष्य को मानवता, जिज्ञासा, कर्म, भाव, प्रकृति का स्पर्श कराता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विद्यार्थी इस प्रकार की कार्यशालाओं में भाग लें। विश्वविद्यालय निरंतर ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करता रहेगा।

कार्यशाला की सफलता पर डॉ. पवन शर्मा ने युवा एंव सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय और प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी को बधाई दी। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने मुख्य अतिथि सहित आए हुए सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

मंच संचालन संयोजक  प्रवीन कुमार ने किया। इस मौके पर कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र के युवा एंव सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. सीडीएस कौशल, सह निदेशक डॉ. हरविंद्र राणा, विभिन्न कॉलेजों से आए हुए प्राध्यापक, इंचार्ज सहित कॉलेज स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

अंग्रेजी शब्दावली को बढ़ाने का दिया मंत्र

भाषा ज्ञान विशेषज्ञ रोहित शर्मा ने विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा में शब्दावली को बढ़ाने की तकनीक पर प्रकाश डालते हुए शब्दों को बनाने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अंग्रेजी भाषा के कठिन शब्दों को टिप्स पर याद रखने के शॉर्ट मैथड भी बताए। इसी के साथ उन्होंने एक शब्द के अलग-अलग जगहों पर विभिन्न अर्थों में प्रकट होने वाले भाव बारे जानकारी दी।

जेंडर डिस्कॉर्स के बारे दी जानकारी

कार्यशाला में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. डॉ. रिचा शर्मा ने साहित्य और जीवन जेंडर डिस्कॉर्स पर चर्चा की। उन्होंने समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों के बारे विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए कहा कि समाज में आज भी महिलाओं को स्वावलंभी बनाने की आवश्कता है। इस बारे में विद्यार्थियों ने सवाल जवाब भी किए।

प्रशासनिक ढांचे और मीडिया की कार्यप्रणाली को लेकर की चर्चा 

वरिष्ठ मीडियाकर्मी दीपकमल सहारण ने कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों को सरकार के गठन, प्रशासनिक ढांचे, पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को लोकतंत्र के चौ‌‌थे स्तंभ मीडिया के बारे में गहनता से जानकारी देते हुए समस्त कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार से भरे संदेशों से दूरी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपनी संस्कृति से पूर्ण रूप से नहीं जुड़ेंगे, तब तक हमारी पहचान नहीं बन पाएगी।


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