नगर निगम द्वारा वाहनों में जी.पी.एस. डिवाईस का प्रावधान करवाने से वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ी है

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शहर से प्रतिदिन कूड़ा उठाने वाले नगर निगम के वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। कौन सा व्हीकल किस एरिया में घूम रहा है, इस बात की जानकारी यानि ट्रैकिंग आसानी से की जा सकती है। नगर निगम द्वारा वाहनों में जी.पी.एस. डिवाईस का प्रावधान करवाने से वाहनों की कार्यक्षमता बढ़ी है और कार्य में पारदर्शता भी आई है।
                    निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने इस सबंध में बताया कि शहर की सम्पूर्ण सफाई के लिए 3 जोन बनाकर अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, जिसमें जी.टी. रोड़ से परे का समूचा नगर निगम क्षेत्र जोन-1 में, शहर की भीतरी आबादी का एरिया जोन-2 में और लाईन पार का एरिया जोन-3 में शामिल है। प्रतिदिन निगम के वाहन तीनो एरिया में जाकर कूड़े को एकत्र करके उसे सोलिड वेस्ट प्लांट में पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। ठेकेदारों द्वारा सफाई कार्यों में लगाए गए ट्रैक्टर वाहनों में भी जी.पी.एस. डिवाईस लगाई गई है। नगर निगम के कर्मचारी समय-समय पर औचक रूप से इन वाहनों की लोकेशन और कारगुजारी चैक करते रहते हैं, ताकि ठेकेदार या वाहन चालक को किसी तरह की फर्जी कार्यवाही करने का अवसर ना मिले।
आयुक्त ने बताया कि कोई भी व्यक्ति सफाई में लगे वाहनों की लोकेशन को आसानी से ट्रैक कर सकता है। ऐसा करना बड़ा सरल है। सबसे पहले एंड्रायड फोन या कम्प्यूटर सिस्टम से निगम की वैबसाईट एम.सी. करनाल डॉट ओआरजी खोलकर , सर्विसेज़ पर क्लिक करना होता है। गारबेज ट्रैकिंग लिंक पर जाकर उसे ओपन करके पूरे एरिया का मैप आपके सामने होगा। व्यक्ति जिस एरिया के व्हीकल की इन्फोरमेशन देखना चाहे, उस पर क्लिक करे और उसमें व्हीकल का नम्बर, कार्य के दौरान तय की गई दूरी तथा तारीख आसानी से दिखाई देगी।
उन्होने बताया कि निगम की आई.टी. शाखा के कर्मचारी वाहनों में लगे जी.पी.एस. सिस्टम की कारगुजारी को नियमित चैक करते है। वाहनों द्वारा कम दूरी तय करने और अपनी कारगुजारी ठीक से ना करने के लिए संबंधित ठेकेदार की पेमेंट में से कटौती का भी प्रावधान है।

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