करनाल की महान बेटी अंतरिक्ष परी डॉ. कल्पना चावला की 17 वी पुण्य तिथि पर में श्रद्धांजलि दी गई

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करनाल की महान बेटी अंतरिक्ष परी डॉ. कल्पना चावला की 17 वी पुण्य तिथि पर आज नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ़ आर्टिस्ट्स एन्ड एक्टिविस्ट्स व आर पी इंस्टिट्यूट आफ इंजीनियरिंग एन्ड टेक्नोलॉजी की और से उन्हें कॉलेज के सभागार में में श्रद्धांजलि दी गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके महान कार्यों को याद किया गया।  इस अवसर पर निफा की और से सामाजिक सेवा व् हारमनी कार्यक्रम में सहयोग करने वाले अध्यापकों, विद्यार्थियों व् ड्राइवर साथियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। डॉ कल्पना चावला करनाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश व् दुनिया में युवा वर्ग विशिस्ट महिलाओं के लिए प्रेरणा श्रोत हैं व् महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं। 3 फरवरी 2003 को कोलम्बिआ विमान दुर्घटना में मृत्यु होने के समय उनकी आयु लगभग 41  वर्ष थी।

इस छोटी आयु में उन्होंने नासा में पहुँच कर न केवल अपनी विशेष पहचान बनाई बल्कि मानवता के लिए अंतरिक्ष में जाकर व् गहन रीसर्च कर स्पेस साइंस में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कोलंबिया विमान दुर्घटना में अंतरिक्ष से वापिस आते समय उनका देहांत हो गया, लेकिन वे अपनी छाप सदा के लिए छोड़ गई।  आज भी हर वर्ष करनाल से उनके स्कूल के दो विद्यार्थियों को नासा जाने का अवसर मिलता है, जो करनाल व अपने स्कूल के लिए उनके जुड़ाव की निशानी है। आर पी इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ. सौरभ गुप्ता ने भी डॉ. कल्पना चावला के चित्र पर पुष्प अर्पित किये व् उन्हें करनाल की ऐसी महान सपुत्री की संज्ञा दी, जिसने इस छोटे से शहर को विश्व मानचित्र पर पहचान दी.  इंस्टिट्यूट के सचिव भरत सिंगल ने विद्यार्थियों को डॉ. कल्पना चावला की तरह बनने व् अपने अपने क्षेत्र में बुलंदी पर पहुँचाने की प्रेरणा दी।  इस अवसर पर इंस्टिट्यूट के सचिव भरत सिंगल, निफा के जिला प्रधान जितेंदर नरवाल, प्रबंध डीन डॉ. गौड़, निदेशक डॉ. मोहिंदर सिंह,  प्रशासक डी एल मित्तल, निफा सदस्य कुलदीप प्योंत, गुरजंट सिंह, विश्वास वालिया, अध्यापक व् विद्यार्थी मौजूद रहे।  निफा की और से हारमनी 2017  कार्यक्रम  में सहयोग देने वाले सभी अध्यापकों, विद्यार्थियों को जहाँ सम्मानित किया गया, वहीँ बहार से आये प्रतिभागियों की सेवा में दिन रात तत्पर रहे ड्राइवर साथियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र व 1100 – 1100  रुपए का नगद पुरस्कार देकर उनका सम्मान किया गया व् समाजिक कार्यों में निरंतर उनके सहयोग की अपेक्षा की।


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