इनेलो नेता अभय चौटाला करनाल इंद्री के डबकौली गांव में किसान जन जागरण अभियान में पहुंचे , कांग्रेस व भाजपा पर साधा निशाना

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इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला इंद्री के डबकौली गांव में आयोजित किसान जन जागरण अभियान तहत लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के अंदर कोरोना से लाखों मौते हुई। विदेश से देश में जब कोरोना आया तो प्रधानमंत्री ने लॉकडाऊन लगा दिया। हम सोचते थे कि लॉकडाऊउन से महामारी हमारे देश में नहीं फैलेगी लेकिन बीजेपी सरकार ने कोरोना की आड़ में नए तीन काले कृषि कानून बना दिए। लाखों किसाान करीब तीन महीने से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं और इस सरकार ने सीमाओं पर कंकरीट की दीवारे बना दी और सड़कों पर कीलें गाड़ दी ताकि हरियाणा, यूपी, पंजाब, राजस्थान व मध्यप्रदेश समेत पूरे देश से दिल्ली ना पहुंच सकें।
अभय चौटाला ने कहा कि हमने सुना था कि हमारे साथ चीन, पाकिस्तान, भूटान व नेपाल आदि का बॉडर लगता है परंतु हमने पहली बार सुना है कि टीकरी, सिंधु, गाजीपुर, पलवल आदि बॉर्डर भी हैं और इन बॉर्डर पर केंद्र सरकार ने कंकरीट की दीवारें बना दी और रास्तों पर कीलें गाड़ दी ताकि किसान दिल्ली में ना जा सकें। उन्हांने कहा कि 26 जनवरी की ट्रेक्टर यात्रा में मीडिया द्वारा जो दिखाया गया कि किसान दिल्ली में गए और दिल्ली के लोगों ने किसानों पर फूल बरसाए और किसानों को खाना खिलाया और पानी भी पिलाया।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को 80 दिन से ज्यादा हो गए जिसमें 250 से ज्यादा किसानों की मृत्यू हो चुकी है। उन्होंंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दोस्तों को मालामाल करने का काम किया और किसानों को आंदोलनजीवी कह रहे हैं। चौटाला ने कहा कि वह सोचते थे कि जिन किसानों की आंदोलन में मृत्यू हुई है प्रधानमंत्री अपना भाषण उन किसानों को श्रद्धांजलि देकर शुरु करेंगे लेकिन किसानों को आंदोलनजीवी कहकर किसानों पर कटाक्ष किया।

उन्होंने कहा कि कारोना काल में प्रदेश सरकार ने प्रदेश के अंदर कई घौटाले किए, जिनमें धान, शराब, रजिस्ट्री, पीपीटी किट आदि के घोटाले शामिल हैं। वह यहां अनुरोध करने आए हैं कि इस आंदोलन को ओर तेज करना है और इंद्री में होनेे वाले टिकैत साहब की महापंचायत में भी भारी सं यां में पहुंचना है। आज वोट की लड़ाई नहीं है। इस लड़ाई में राजनीति से ऊपर किसान आंदोलन में शामिल हों। अन्नदाता को भगवान भी कहा जाता है।

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