करनाल नगर निगम के वाल पेंटिंग पर यह कैसी स्वच्छता अपील ,गाली गलौच का इस्तेमाल क्यों

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(मालक सिंह) करनाल नगर निगम शहर को स्वच्छ बनाने के लिए दिन-रात कोशिश कर रहा है। 22 करोड़ का सालाना बजट 1600 करीब सफाई कर्मचारी दिन- रात अलग अलग शिफ्ट्स में काम कर रहे है। वही दूसरी और निगम की तरफ से शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर स्वच्छता की वाल पेंटिंग्स बनवाई है। जो वहाँ से गुजरने वाले लोगो को अलग अलग तरह के स्वच्छता संदेश दे रही है।

वही मेरठ रोड पर बंद पड़े के आर सिनेमा के बाहर बनी नगर निगम की पेंटिंग पर जिस तरह की भाषा लिखी गई है। वो चिंता का विषय है। खुले में पेशाब करने वाले को साले व कुते के बीज जैसे अपशब्दों से पुकारा गया है।
जब इस विषय मे के आर सिनेमा के मालिक रामकिशन से बात की गई तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि यह उन्होंने नहीं लिखवाया। उन्होंने बताया कि यह पेंटिंग तो नगर निगम करनाल ने बनवाई है।
स्वच्छता के लिए पेंटिंग बनवाना और उस पर जागरूकता भरे संदेश लिखना अच्छी बात है। लेकिन गाली लिखकर स्वच्छता का पाठ पढ़ाना कितना जायज।
जनवरी को स्वच्छ्ता सर्वेक्षण 2018 के लिए टीम पहुँचेगी करनाल। उपायुक्त दहिया ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में भारत के करीब 4041 शहर भाग ले रहे हैं। भारत सरकार की सर्वेक्षण टीम जिले में 4 जनवरी से निरीक्षण के लिए आएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें।
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