डीसी ने अधिकारियों की टीम के साथ गांधी चौंक से हॉस्पिटल चौंक तक बनने वाली सडक़ मार्ग का किया निरीक्षण

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गांधी चौंक से हॉस्पिटल चौक  तक लगभग  850 मीटर लम्बी सडक़ को फोरलेन करने के लिए लगभग साढ़े पांच करोड़ रूपये की धनराशि खर्च होगी, जिसमें से 431 लाख रूपये के टेंडर अलॉट करके काम शुरू किया जा चुका है। वीरवार को डीसी डा०आदित्य दहिया ने निर्माणाधीन कार्य का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस सडक़ और डे्रन के निर्माण कार्य को अति शीघ्र पूरा किया जाए और पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही ड्रेन पर 10-15 फुट पर सर्विस चैम्बर बनाये जाए ताकि किन्ही कारणों से रूकी डे्रन की अविलम्ब सफाई कराई जा सके।

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डीसी ने बनाई जा रही सडक़ के बारे में कार्यकारी अभियंता दलेल सिंह दहिया से विस्तार से जानकारी ली। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि इस सडक़ को दोनो तरफ से साढ़े 7-साढ़े 7 मीटर इस तरीके से चौड़ा किया जाएगा कि यहां कोई जाम ना लग सके और ट्रैफिक पार्किंग की व्यवस्था भी हो।  सडक़ के बीच में 1. 2 मीटर का सैंट्रल बरज बनाया जाएगा और दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर की पगडंडी की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि पैदल यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सडक़ के निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया जाए।

डीसी ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि कल्पना चावला मैडिकल कॉलेज के सामने वाली बिजली की तारों को डे्रन की साईड में शिफ्ट किया जाए तथा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दीवार को अपेक्षाकृत अधिक मजबूती प्रदान की जाए। बरसाती पानी को निकालने की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। कॉमर्शियल साईट की तरफ वाहन पार्किंग की भी व्यवस्था करें। इस पर कार्यकारी अभियंता ने कहा कि कुछ जगह पर अढ़ाई-अढ़ाई मीटर की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। डीसी ने कहा कि यह सडक़ यातायात की सुविधा की दृष्टि से बहुत ही बेहत्तर नजर आनी चाहिए।

डीसी ने कार्यकारी अभियंता को डे्रन के पानी की उचित निकासी के लिए निर्देश दिये और उस स्थान को स्वयं जाकर देखा,जहां पर डे्रन के पानी की निकासी होनी है। डीसी ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिये कि मॉडल टाउन डे्रन का सर्वे किया जाए और यदि वहां पर लेवल सही मिलता है तो पानी की निकासी वहीं पर की जाए। इस पर कार्यकारी अभियंता ने कहा कि लेवल का सर्वे करके रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी।

डीसी ने कार्यकारी अभियंता को यह निर्देश भी दिये कि सैंट्रल बरज और पगडंडी पर जो टाईलें लगाई जानी है,लगाए जाने से पहले एक बार टाईलों का डिजाईन चेक करवा लिया जाए ताकि टाईलें लगने के बाद सडक़ की सुंदरता और बेहतर लगे। इस कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।

उल्लेखनीय है कि डीसी डा०आदित्य दहिया दोपहर 12 बजे निर्धारित समय के अनुसार अपने कार्यालय से निकले सबसे पहले गांधी चौंक से हॉस्पिटल चौंक तक बनने वाली सडक़ का निरीक्षण किया और उसके बाद पश्चिमी बाईपास के निर्माण कार्य को देखा।

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