पर्यावरण समिति ने पर्यावरण शुद्धि के लिए मुगला मौहल्ला में किया हवन

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पर्यावरण संरक्षण समिति पंजीकृत करनाल द्वारा मुगला मौहल्ला में श्रीमती ईश्वर छाबड़ा के निवास स्थान पर हवन का आयोजन किया गया। समिति महिला प्रधान कुमारी शशी आर्या द्वारा वैदिक विधि से हवन सम्पन्न करवाया गया। उन्होंने हवन करवाते हुए हवन के फायदे बताए और बताया कि हवन सामग्री एवं आम की लकड़ी के आग में जलने से वायुमण्डल में बैक्टीरिया एवं गंदे किटाणु मर जाते हैं और वायुमण्डल शुद्ध तथा रोग रहित हो जाता है।

समिति अध्यक्ष एस.डी. अरोड़ा ने बताया कि अग्रि एक विस्फोटक का काम करती है। जैसे एक लाल मिर्च को आग में डाल दिया जाए तो उसके जलने से आसपास के वातावरण में बहुत कडवाहट फैल जाती है और लोग वहां पर बैठ ही नही सकते। इसी प्रकार शुद्ध हवन सामग्री एवं घी की थोड़ी सी मात्रा, हवन की आग में जल कर विस्फोटक विधि से वातावरण में फैल जाती है और आसपास का वायुमण्डल शुद्ध हो जाता है।

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एैसा वास्तविक तौर पर देखा गया है कि जिस घर में हवन होता रहता है, वहां बिमारियां नहीं आती। उन्होंने बताया कि हवन करते हुए वैदिक विधि से जो मंत्र उच्चारण किये जाते हैं और आहुतियां डाली जाती हैं, उनका हिन्दी में सरल भाषा में अर्थ बताया जाता है, जिससे घर में बढ़े-बुढों एवं बच्चों के संस्कार अच्छे बनते हैं। प्रकृति का नियम है कि यदि हम उसकी रक्षा करेंगे तो प्रकृति भी हमारी रक्षा करेगी।

आज के समय में प्रदुषण बहुत फैल रहा है। जिसके लिए वायुमण्डल का शुद्धिकरण करना बहुत आवश्यक हो गया है। इसके लिए हवन-यज्ञ आदि करना एक बहुत ही सरल उपाय माना गया है, क्योंकि इसमें कोई ज्यादा खर्चा भी नहीं होता है और सभी घरों में आसानी से किया भी जा सकता है। हवन स्थल के आसपास के परिवारों की महिलाओं ने हवन में भाग लिया और हवन करवाने की विधि तथा महत्व को समझा और उन्होंने इच्छा जताई है कि वे भी अपने घरों में हवन करवायेंगी।

समिति द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि समिति द्वारा अगले महीने में फिर उनके मौहल्ले में हवन किया जाएगा। समिति का भरसक प्रयास रहेगा कि शहर में हवन निरन्तर होते रहें, जिससे समाज में शुद्ध वातावरण का निर्माण व प्रदुषण मुक्त वातावरण को बनाया जा सके और आने वाली पीढ़ी को संस्कारित बनाया जा सके ताकि वह भारतीय संस्कृति से जुड़ सकें।

इस अवसर पर मुख्य रुप से समिति अध्यक्ष एस.डी. अरोड़ा, डॉ. डी.एन. गांधी, आर.आर  अत्री, श्रीमती ईश्वर छाबड़ा, कु. शशी आर्या, डॉ. पुष्पा सिन्हा, मधु शर्मा, भावना, उमा गोयल, रक्षा देवी, मानसी, रुचि, रितू तेजस्वी एवं अन्य मौहल्लावासी उपस्थित रहे


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