गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित करनाल से एक सितम्बर को दूसरे चरण के लिए रवाना हुई गुरु नानक सद्भावना यात्रा

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गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित करनाल से एक सितम्बर को दूसरे चरण के लिए रवाना हुई गुरु नानक सद्भावना यात्रा का ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय आबू रोड राजस्थान में पहुँचने पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनो व भाइयों की ओर से सभी का फूल मालाए पहनाकर भाव भीना स्वागत किया गया। ब्रह्माकुमारी आश्रम सेक्टर 7 केंद्र की प्रमुख व सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की ज़ोनल इंचार्ज प्रेम बहन के संयोजन में संस्थान के भाई बहनो ने यात्रा का शांति वन पहुँचने पर स्वागत किया।

गुरु नानक देव जी द्वारा दिए गए प्रेम, भाईचारे व शांति के संदेश के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए 55000 पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर गुरु नानक सद्भावना यात्रा के लिए निकली सामाजिक संस्था नैशनल इंटेग्रेटेड फ़ोरम आफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्टस (निफ़ा) व शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया की टीम को मुख्य सभागार में सुबह की मुरली के समय आयोजित कार्यक्रम में विशेस रूप से बुलाकर सम्मान दिया गया व सभी को ब्रह्मकुमारी संस्थान की प्रशासनिक प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने अपना आशीर्वाद व शुभकामनाएँ दी।

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संस्थान के  कार्यकारी सचिव व शिक्षा प्रभाग के प्रमुख मृत्युनजय भाई ने गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश दिवस को समर्पित गुरु नानक सद्भावना यात्रा के शांतिवन आने के बारे में संक्षेप विवरण दिया ओर गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताया।

निफ़ा व शिरोमणि गतका फ़ेडरेशन आफ इंडिया की ओर से गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती पर 55000 पौधे लगाने के संकल्प को गुरु जी के बताए मार्ग पर व्यावहारिक रूप से चलने के समान बताते हुए ब्रह्माकुमारी संस्थान के महासचिव राजयोगी निरवैर भाई ने सभी को गुरु नानक देव जी द्वारा नाम जपो, वँड छको व किरत करो के तीन मूल सिद्धांत को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अंग बनाने की प्रेरणा दी।

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आज ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय शांति वन में भी गुरु नानक देव जी की जयंती पर पौधा रोपण किया गया ओर उसमें गुरु नानक देव जी के जनम स्थान ननकाना साहेब की मिट्टी व पंजा साहेब का जल डाला गया। ब्रह्माकुमारी प्रेम बहन ने भी इस कार्य को ईश्वरीय कार्य बताते हुए सभी को अपनी शुभकामनाएँ दी।

इस अवसर पर बोलते हुए निफ़ा अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नु ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के समान सभी को एक निराकार परमात्मा के साथ जोड़ता है, भेदभाव रहित समाज व आपसी प्रेम भाईचारे को बड़ावा देता है, इसलिए यहाँ आकर उन्हें एक अपनापन सा लगता है।

उन्होंने इस अवसर पर सभागार में मौजूद हज़ारों लोगों को बताया कि यह यात्रा हरियाणा के करनाल ज़िला से शुरू होकर उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, नेपाल, बिहार, सिक्किम, असम, पश्चिमी बंगाल व बांग्लादेश, उड़ीसा, तमिलनाडु, श्रीलंका, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व गुज़रात के गुरु नानक देव जी के स्थानो से होते हुए राजस्थान पहुँची है व प्रदेश में पहला पड़ाव आबू रोड में हुआ है।

इस से पहले के चरण में यात्रा उत्तर भारत व पाकिस्तान में जा चुकी है। आज के आयोजन में माउंट आबू मुख्यालय से दयाल भाई, निफ़ा के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र नरवाल, गतका फ़ेडरेशन के प्रधान गुरतेज़ सिंह खालसा, गुरप्रीत सिंह खालसा, अर्जुन सिंह सहित निफ़ा, गतका फ़ेडरेशन व ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रमुख भाई बहन शामिल रहे।

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