विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर निशुल्क बीपी चैक जांच शिविर लगाया गया

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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर आज आईटीआई चौंक स्थित अमृतधारा अस्पताल में सिप्ला द्वारा आयोजित निशुल्क चैक बीपी जांच शिविर लगाया गया। उच्च रक्तचाप की बढ़ती समस्याओं पर जन-साधारण को जागरुक करने के लिए लगाए गए शिविर में डा. राजीव गुप्ता ने लोगों को बीपी से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप या हाईपरटेन्शन दुनियाभर में समय से पहले मृत्यु होने के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक है। इसके कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 1.4 मिलियन लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। विश्व स्थास्थय संगठन (डब्यूएचओ) 2011 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार उच्च रक्तचाप भारत में 25 वर्ष और इससे अधिक आयु के हर तीन व्यस्कों में से एक को प्रभावित करता है।

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उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति इसलिए ओर भी बद्दतर है क्योंकि यह एक चौथाई से एक तिहाई रोगियों को ही उनकी उच्च रक्तचाप की स्थिति का पता है। इसके अलावा हाईपरटेन्शन से ग्रस्त पांच में से सिर्फ एक ही रोगी उपचार करवा रहा है और उनमें से पांच प्रतिशत से भी कम नियंत्रण की स्थिति में है। डा. राजीव गुप्ता ने आगे कहा कि निदान न उच्च रक्तचाप तथा अनियंत्रित उच्च रक्तचाप के कारण हार्ट अटैक, स्ट्रोक, गुर्दे की विफलता तथा नेत्रों की क्षति जैसी जटिलताएं होती हैं।

हाईपरटेन्शन के कारण समय से पहले मृत्यु या अपंगता से आय की हानि होती है तथा ईलाज पर भारी खर्चा आता है, जिस कारण परिवार चौपट हो जाता है। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप को रोकने के लिए नियमित रुप से रक्त चाप की जांच करवाते रहना चाहिए। इससे जल्द ही उच्च रक्तचाप का पता चल जाएगा और भावी समस्याओं को कम से कम करने के लिए सहायता मिलेगी।

उन्होंने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सभी स्वस्थ व्यस्कों को नेमी तौर पर डाक्टर पर जाने के दौरान अपना बीपी चैक करवा लेना चाहिए। फिर भी यदि बीपी उच्चतर सीमा में है तो उस व्यक्ति को या उसके परिवार में किसी को उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक या हार्ट अटैक हुआ है तो सर्वश्रेष्ठ यही होगा कि वह डाक्टरों की सलाह के अनुसार बार-बार उच्च रक्तचाप की जांच करवाए।

उन्होंने कहा कि कई मरीज अपने से स्वयं दवाई लेना बंद कर देते हैं, बिना इसको अनुभव किए कि दवा बंद कर देने से रक्तचाप फिर से बढ़ जाता है और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुक्शान पहुंचाना शुरु कर देते हैं। इसलिए यदि आपको उच्च रक्तचाप है तो अपने चिकित्सकों द्वारा दी गई सलाह अनुसार दवा लें और अपने रक्तचाप की नियमित जांच करें। यह प्रैसवार्ता सिप्ला कंपनी द्वारा आयोजित की गई, जिसमें डा. साहिल अरोड़ा एमडी, डा. रीतेश लाल एमडी, डा. मयंक गोयल डीएम हृदय रोग विशेषज्ञ और डा. सामित गुप्ता एमडी आईसीयू स्पैशलिस्ट मुख्य रुप से उपस्थित रहे।


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