हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित 15 जून आते ही करनाल में किसानों ने धान की रोपाई का कार्य किया शुरू

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हरियाणा सरकार ने गिरते भू जल संकट को रोकने के लिए सब सोयल 6 के अनुसार सरकार द्वारा धान ना लगाने पर 15 जून तक प्रतिबंध था लेकिन अब किसानों का धान लगने का इंतजार खत्म हो चुका है इसी के चलते किसानों ने अब धान की रोपाई का कार्य शुरू कर दिया है किसान अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं और कई जगह तो धान की रोपाई भी शुरू कर दी है वही किसानों को कहना है कि सरकार ने अगेती धान की रोपाई पर 15 जून तक प्रतिबंध लगाया हुआ था बिजली नहीं दी जा रही थी इसीलिए हमने भी धान नहीं लगाई थी लेकिन अब हमने धान के लिए अपने खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है और अभी तक बिजली विभाग द्वारा कोई भी बिजली का शेड्यूल हमारे तक नहीं पहुंचा अबकी बार मजदूरों की कमी भी किसानों को खलक रही है किसानों का कहना था कि हमने अबकी बार सीधी धान की बिजाई भी की है लेकिन ज्यादा मात्रा में नहीं हुई है हम तो मक्का भी लगाना चाहते हैं लेकिन उसका पूरा रेट नहीं मिलता फिर भी किसानों ने जिसके पास 10 एकड़ है उसमें से 2 या तीन एकड़ मे सीधी बिजाई की है किसानों ने अपनी खेतों मेंं धान की रोपाई का काम भी शुरू कर दिया है क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी तरह से शुरू नहीं हुई लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दो-चार दिनों में धान की रोपाई का काम तेजी पकड़ जाएगा !

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कृषि अधिकारी आदित्य प्रताप ने बताया कि 15 जून तक हरियाणा सरकार ने धान लगाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ था लेकिन अब यह खत्म हो चुका है और अब किसान धान की रोपाई कर सकते हैं गिरते भूजल के कारण किसानों को धान ना लगाने की सलाह दी गई थी इसी के तहत करनाल में ओर विकल्प भी किसानों को दिए गए थे मक्का सीधी धान की बिजाई और अब की बार के जगह तो कपास की खेती भी हुई है उन्होंने कहा कि अगेती फसल वैरायटी में पीआर 126 पी आर 113 , 114 धान किसान लगा रहे हैं बासमती धान के लिए अबकी बार करोना के चलते लेबर कम रहेगी इसलिए बासमती धान का एरिया 5 से 10 परसेंट कम हो सकता है !

खेतों को तैयार कर रहे किसान बख्तावर सिंह ने बताया कि हमने पहले अगेती की धान की रोपाई नहीं की थी लेकिन आज 15 जून है हम अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं मगर अभी तक भी बिजली के शेड्यूल के बारे में कोई भी किसी को पता नहीं अबकी बार लेबर भी नहीं मिल रही हो और मिल भी रही है और महंगी मिल रही है वहीं अबकी बार किसानों ने सीधी धान की बिजाई भी की है मक्के की फसल करना चाहते हैं मगर उसका रेट नहीं मिलता ! अबकी बार कोरोना के चलते किसानों को धान की रोपाई के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेबर है नहीं जो है वह भी महंगी मिल रही है और अभी तक बिजली भी सही ढंग से नहीं चल रही !





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