पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रतिभा खोज कार्यक्रम का भव्य आयोजन

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करनाल: सेक्टर 14 स्थित पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को प्रतिभा खोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में महाविद्यालय के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी लाजवाब प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम में नगर निगम, करनाल की मेयर श्रीमती रेणुबाला गुप्ता बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुईं और सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। प्राचार्य डॉ प्रवीण भारद्वाज ने मुख्यातिथि का फूल-मालाओं से स्वागत किया और प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। मंच संचालन डॉ राजेश रानी और डॉ रीना यादव ने खूबसूरत अंदाज में किया।

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श्रीमती रेणुबाला गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में कड़ी मेहनत करें और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएं। मुख्यातिथि ने कहा कि अगर देश की युवा पीढ़ी कड़ी मेहनत व लगन से सही दिशा में कदम बढ़ाए तो भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने महाविद्यालय में विकास कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जल्द ही महाविद्यालय प्रांगण में लॉक्ड टाइल्स लगाई जाएंगी और विद्यार्थियों को बेंच भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। मुख्यातिथि ने सभी प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार बांटे और उनके सुखद भविष्य की कामना की।

प्राचार्य डॉ प्रवीण भारद्वाज ने कहा कि प्रतिभा खोज कार्यक्रम नई प्रतिभाओं के लिए शानदार मंच है। मंच पर प्रस्तुति देने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है जो जीवन भर उनके काम आता है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है कि सभी विद्यार्थी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने महाविद्यालय प्रांगण में करवाए गए विकास कार्यों के लिए मुख्यातिथि श्रीमती रेणुबाला गुप्ता का आभार प्रकट किया। डॉ प्रवीण भारद्वाज ने कार्यक्रम के सफल आयोजन का श्रेय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी डॉ एसके नागिया समेत महाविद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों को दिया।

डॉ एसके नागिया ने महाविद्यालय में वर्ष भर आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी महाविद्यालय के विद्यार्थी युवा महोत्सव में संगीत, अभिनय और नृत्य की विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। साथ ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित किए जाने वाले रत्नावली समारोह में भी महाविद्यालय के प्रतिभागी जौहर दिखाएंगे। महाविद्यालय की अनुशासन समिति के समन्वयक प्रोफेसर नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अनुशासित होना बहुत जरूरी है। महाविद्यालय की उपाचार्य श्रीमती लोकेश त्यागी ने मुख्यातिथि का आभार प्रकट किया और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी स्टाफ सदस्यों का धन्यवाद जताया।

नृत्य प्रतियोगिता में बीएएमसी अंतिम वर्ष की छात्रा पायल प्रथम और बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी सिमरतपाल द्वितीय स्थान पर रहा। बीएससी प्रथम वर्ष के विद्यार्थी रोहित व बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रांजलि को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला। गायन प्रतियोगिता में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा दिव्या और बीए अंतिम वर्ष का छात्र शिव संयुक्त रूप से पहले स्थान पर, बीए प्रथम वर्ष की छात्रा फूलो और बीए अंतिम वर्ष का विद्यार्थी अश्विनी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। बीए अंतिम वर्ष की छात्रा पारुल राणा को तीसरा स्थान मिला। मिमिक्री में बीएससी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी अर्जुन प्रथम और बीए अंतिम वर्ष का विद्यार्थी कुलदीप द्वितीय स्थान पर रहा। मोनो एक्टिंग में बीकॉम द्वितीय वर्ष का रवींद्र प्रथम, बीएससी अंतिम वर्ष का गुरदयाल द्वितीय और बीएससी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी अर्जुन तृतीय रहा। वाद्ययंत्र वादन में बीए प्रथम वर्ष का विद्यार्थी अनुराग प्रथम, बीएससी प्रथम वर्ष का विद्यार्थी अर्जुन द्वितीय और बीसीए द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी मोहित तृतीय रहा। नृत्य प्रतियोगिता में डॉ शिवानी कौशिक, प्रोफेसर रश्मि सिंह और डॉ चंद्रमोहन, गायन प्रतियोगिता में डॉ नरसिंह जांगड़ा, डॉ सरिता आर्य और डॉ अंजना रानी, मिमिक्री, मोनो एक्टिंग और वाद्ययंत्र वादन में डॉ राजेश रांझा, डॉ प्रदीप कुमार और डॉ एसके रमन ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई। नृत्य प्रतियोगिता में प्रोफेसर सुनीता चोपड़ा, प्रोफेसर मधुलिका और प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई जबकि गायन प्रतियोगिता प्राध्यापिका सुषमा रानी और डॉ दविंद्र कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। समारोह में प्रोफेसर एमएस बागी ने लोकगीत की शानदार प्रस्तुति दी तो वहीं डॉ नरसिंह जांगड़ा ने बांसुरी वादन से सभी का मन मोह लिया।


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