समाजसेवियों ने की पहल जिसके बाद प्रशाशन भी आया आगे बलड़ी शमशान घाट की हुई साफ सफाई ,देखें पूरी खबर

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  • समाजसेवियों ने की पहल जिसके बाद प्रशाशन भी आया आगे बलड़ी शमशान घाट की हुई साफ सफाई ,देखें पूरी खबर
  • मॉडल टाउन से कुछ समाजसेवियों ने शमशान घाट में लगवाई पानी की टैंकी व लोहे के गेट का भी दिया ऑर्डर
  • कोरोना पॉजिटिव संस्कारो की संख्या बढ़ी अब कम्बोपुरा गांव के शमशान घाट में भी होंगे संस्कार

कोरोना से मरने वाले व्यक्तियों के संस्कार हों ठीक प्रकार से, नगर निगम ने बलड़ी के अतिरिक्त कम्बोपुरा में एक अतिरिक्त शमशान घाट की व्यवस्था की

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कोरोना से मरने वाले व्यक्तियों के संस्कार ठीक प्रकार से हों, शमशान घाट में बिजली, पानी, बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और स्टाफ का उचित प्रबंध भी हो, इसकेलिए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि बलड़ी स्थित शमशान घाट के अलावा नगर निगम क्षेत्र के गांव कम्बोपुरा में भी शमशान घाट इस काम के लिए प्रयोग में लिया जाए।

नगर निगम आयुक्त विक्रम ने स्पष्ट किया कि हालांकि कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा ज्यादा नहीं है, अलबता बाहर से जो गम्भीर मरीज करनाल आ रहे हैं और ईलाज के दौरान उनकी मौत हो जाती है, उससे भी शमशान घाट में मृतकों के संस्कार पर लोड का असर पड़ा है। इसे देखते अब बलड़ी के अतिरिक्त निगम के कम्बोपुरा में भी एक अतिरिक्त शमशान घाट कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अप्रैल मास में कुल 105 मौतें हुई है, जिनमें से 50 से अधिक पेश्ेांट बाहर के थे।

निगमायुक्त ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार का मंजर गमगीन भाव से भरा होता है। मृतक के स्वजन बेशक दूर बैठकर अपनो से बिछड़े व्यक्ति का संस्कार देखें, लेकिन ऐसी जगहों पर साफ-सफाई, पानी व बैठने जैसी व्यवस्था होनी चाहिए। इसी को लेकर अन्य शमशान घाट कोविड-19 से मरने वाले व्यक्तियों के लिए बनाया गया हैं, जिसमें इसी तरह की सुविधाएं रहेंगी।

उन्होंने बताया कि कोविड-19 से मरने वाले व्यक्तियों के संस्कार नगर निगम के कर्मचारियों की देखरेख में होते है। अब बलड़ी के साथ-साथ कम्बोपुरा में भी बैठने के लिए बैंच, साफ-सफाई और पानी जैसी सुविधाएं मुहैया रहेंगी, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना ना करना पड़े। इसके अतिरिक्त शव को ले जाने के लिए अलग से भी गाडियों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरत पडऩे पर उसे प्रयोग में लिया जा सके। संस्कार में प्रयोग होने वाली लकड़ी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे, इसके लिए जिला वन अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है।

उन्होंने बताया कि शमशान घाटो की निगरानी के लिए एक-एक जे.ई. तीनो जगहों पर नोडल रहेंगे, जबकि नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह देखरेख के ओवरआल इंचार्ज बनाए गए हैं। निगमायुक्त ने सम्बंधित जे.ई. को निर्देश दिए कि वे तुरंत मौके पर पहुंच कर बताई गई सारी व्यवस्था कर लें, किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।





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