स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के परिणाम घोषित, एक बार फिर हरियाणा का सिरमौर बना करनाल

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  • स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के परिणाम घोषित, एक बार फिर हरियाणा का सिरमौर बना करनाल,
  • 24वां रैंक हासिल कर टॉप 25 में अपना स्थान बनाया, मेयर व आयुक्त ने नागरिको को दी बधाई।

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी मामले मंत्रालय ने बुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 के परिणामो का ऐलान कर दिया। हरियाणा के करनाल ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में पहला रैंक हासिल किया जबकि एक लाख से तीन लाख की आबादी के देश के 425 शहरो में करनाल को 24वां रैंक हासिल हुआ।

स्वच्छता को लेकर अपने आप में यह एक बड़ी उपलब्धि है। गौर हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में करनाल को 65वां तथा 2018 में 41वां रैंक मिला था। इस प्रकार एक साल के बाद करनाल ने 17 पायदान पार कर ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है, बल्कि हरियाणा में भी प्रथम रहकर सिरमौर बना है।

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नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता, उपायुक्त करनाल विनय प्रताप सिंह, निगम आयुक्त राजीव मेहता तथा उपनिगम आयुक्त धीरज कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सभी शहर वासियो को बधाई दी।

इस सम्बंध में निगम आयुक्त राजीव मेहता ने बताया कि स्वच्छता को लेकर बीती जनवरी में देश के अलग-अलग आबादी के 4 हजार 237 शहरो का केन्द्रीय टीम की ओर से सर्वेक्षण करवाया गया था। यह करीब 40 करोड़ की आबादी का सर्वे था तथा इस परीक्षा में 5 हजार अंक निर्धारित किए गए थे।

करनाल को 3735.72 के स्कोर से 24वां रैंक मिला। इसमें डायरेक्ट आब्जर्वेशन के 1250 में से 1204 अंक, सिटीजन फीडबैक के 1250 में से 1000.92, सर्विस लेवल प्रोग्रेस में भी 1250 में से 780.8 तथा सर्टिफिकेशन में 1250 में से 750 अंक मिले।

शहर के 7 हजार 154 नागरिको ने अपनी फीडबैक दी। गारबेज फ्री सिटी की स्टार रेटिंग में करनाल को 3 स्टार मिले। जबकि ओडीएफ सर्टिफिकेशन में शहर ओडीएफ प्लस-प्लस रहा था।

आयुक्त के अनुसार इस उपलब्धि के लिए करनाल के नागरिको ने जो सहयोग दिया वह काबिले तारीफ है। नगर निगम की ओर से दिन व रात की स्वीपिंग के इंतजाम बेहतरीन होने की वजह से यह मुकाम मिला।

इसके लिए उन्होने निगम के तमाम कर्मचारियों और सफाई कर्ताओं को बधाई दी है। आयुक्त ने कहा है कि जिस प्रकार करनाल पिछले तीन सालो से स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार आगे बढ़ रहा है, उससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि अब इस शहर के लोग स्वच्छता को लेकर जागरूक हो चुके हैं और उनमें साफ-सफाई रखने के प्रति समझ-बूझ आ गई है।

दूसरी ओर देखा जाए तो करनाल को छोड़ प्रदेश के अन्य 17 शहर रैंकिंग में काफी पीछे रहे। इसमें रोहतक 69, पंचकुला 71, गुरूग्राम 83, अम्बाला 146, सोनीपत 161, हिसार 173, पानीपत 188, यमुनानगर 218, जींद 223, फरीदाबाद 227, बहादुरगढ़ 228, भिवानी 232, थानेसर 252, रेवाड़ी 264, सिरसा 270, पलवल 283 तथा कैथल को 355वां रैंक मिला।


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