करनाल मेडिकल सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्लीप डे के उपलक्ष्य में लगाया गया जागरूकता सेमिनार

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करनाल मेडिकल सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्लीप डे के उपलक्ष्य में जागरूकता सेमिनार लगाया गया। हेल्दी स्लीप, हेल्दी एजिंग विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस मौके पर करनाल मेडिकल सेंटर के संचालक डा. संजय खन्ना ने कहा कि देश में हर पांच लोगों में से एक व्यक्ति को नींद की समस्या है। कई लोग ऐसे भी होते हैँ जिन्हें संतुलित नींद प्राप्त नहीं
होती और वह टुकड़ों में नींद लेते हैं। धीरे-धीरे यह मजबूरी उनकी आदत में शुमार हो जाती है।

उन्होंने कहा कि जगह-जगह झपकी लेना और कम से कम नींद लेना जान लेवा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में दिनचर्या के नियमित नहीं हो पाने के कारण लोगों में नींद संबंधित बीमारी स्लीप ऐपनिया काफी बढ़ रही है। इसमें आब्सट्रक्टिव स्लीप ऐपनिया सबसे सामान्य नींद विकारों में से एक है। जिसमें नींद के दौरान सांस लेने में बार-बार रूकावट होती है। सांस की रूकावट के साथ खराटों की भी समस्या है। ओएसए एक विकार है। इसके कुछ कारणों में अधिक वजन उपरी आयु मार्ग का छोटा होना, जीभ का आकार बढ़ जाना तथा टांसिल प्रमुख हैं।

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डा. संजय ने कहा कि वल्र्ड स्लीप सोसाइटी में वल्र्ड स्लीप डे पर अच्छी नींद का महत्व समझाने के लिए तीन बातों पर खास जोर दिया गया है। बिना अंतराल के कितना सोना चाहिए, नींद के सभी विकारों को हम सावधानी बरते तो इससे बचा जा सकता है। इसका इलाज भी संभव है। सेमिनार में जेसीआई करनाल एजाइल के प्रधान हरसिमरण वधवा ने कहा कि मौजूदा दौर में दिनचर्या के नियमित न होने के कारण लोगों में नींद से संबंधित बीमारी स्लीप ऐपनिया काफी बढ़ रही है।

इससे बचने के लिए जितना संभव हो सके खाना पीना और सोने की आदतों पर नियंत्रण होना चाहिए। डाक्टर से परामर्श आवश्य लें। नियमित व्यायाम, पोषक एवं नियंत्रित आहार से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रवेश गाबा, डा. तेजिंद्र कौर खन्ना, मोहित चावला व मोहित कुमार मौजूद रहे।


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