August 17, 2026
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  • दयाल सिंह कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत हेतु ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : दयाल सिंह कॉलेज करनाल में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से सोमवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 500 नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए महज स्वागत समारोह न होकर उनके कॉलेज जीवन की दिशा निर्धारित करने वाला प्रेरणादायी पहला कदम सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा कॉलेज प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ को पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

यह संस्थान संस्कार, सेवा और उत्कृष्टता की परंपरा का प्रतीक है

इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए दयाल सिंह कॉलेज की 77 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कॉलेज के संस्थापक सरदार दयाल सिंह मजीठिया एवं दीवान आनंद कुमार के शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान को नमन करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल ज्ञान प्रदान करने वाला केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और उत्कृष्टता की परंपरा का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि महज 8 शिक्षकों से प्रारंभ हुआ यह शिक्षण संस्थान आज 108 विद्वान प्राध्यापकों एवं 60 कर्मठ गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहा है।

विद्यार्थियों को विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता एवं व्यापक अवसर प्रदान किए

प्राचार्या ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को विषयों के चयन में अधिक स्वतंत्रता एवं व्यापक अवसर प्रदान किए गए हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके कौशल, व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक क्षमता का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कॉलेज द्वारा प्रतिभावान एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को समय-समय पर छात्रवृत्तियाँ एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाते हैं।

उन्होंने कॉलेज की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले वर्ष लगभग 150 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट हुआ। उन्होंने कहा कि मेंटोर-मेंटी प्रणाली, एनसीसी (आर्मी विंग व एयर विंग), एनएसएस, रेडक्रॉस, रेड रिबन क्लब, एंटी रैगिंग कमेटी, अनुशासनात्मक कमेटी, स्पोर्ट्स कमेटी, टाइम टेबल कमेटी, महिला विकास प्रकोष्ठ और युवा एवं सांस्कृतिक समितियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा यह कॉलेज शिक्षा और संस्कार का सुंदर समन्वय है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को बेहतर बनाने की निरंतर यात्रा है। मेहनत, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।”

पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ कौशल से सशक्त बनाना है

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभारी डॉ. देवेंद्र ने विद्यार्थियों को मूल्यवर्धित पाठ्यक्रम (VAC), कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC), योग्यता संवर्धन पाठ्यक्रम (AEC) एवं बहुविषयक पाठ्यक्रम (MDC) की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ कौशल, नैतिक मूल्यों, बहुआयामी दृष्टिकोण एवं व्यावसायिक दक्षता से सशक्त बनाना है।
उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ-साथ कौशल, नैतिक मूल्यों, बहुआयामी दृष्टिकोण एवं व्यावसायिक दक्षता से सशक्त बनाना है। कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन डॉ. अनीता अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कॉलेज का संपूर्ण शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ उपस्थित रहा।

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