- नए कानूनों के बाद पंजाब में 91,407 केस दर्ज, हिमाचल की निपटारा दर 70%
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : देश में 1 जुलाई 2024 को तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए थे। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, इन कानूनों के तहत FIR दर्ज करने के मामले में हरियाणा सबसे आगे रहा है। दर्ज मामलों की जांच पूरी कर चार्जशीट या फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने की दर में चंडीगढ़ ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। पंजाब दोनों मामलों में पीछे रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश में चार्जशीट दाखिल करने की दर करीब 70 फीसदी रही।
रिपोर्ट में 1 जुलाई 2024 से 17 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक का आंकड़ा शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटा होने के बावजूद चंडीगढ़ ने नए आपराधिक कानूनों के तहत मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करने में बेहतर प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि तीनों नए आपराधिक कानूनों की शुरुआत चंडीगढ़ से हुई थी।
तीन कानूनों में अब तक क्या हुआ जानिए:-
नए आपराधिक कानूनों के तहत हरियाणा में सबसे ज्यादा 2,16,816 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद पंजाब में 91,407 और चंडीगढ़ में 7,219 मामले दर्ज हुए। यानी FIR दर्ज करने के मामले में हरियाणा तीनों में सबसे आगे रहा। जांच पूरी कर चार्जशीट या फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने की दर में चंडीगढ़ पहले स्थान पर है। यहां दर्ज 7,219 मामलों में से 6,629 मामलों में कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इसकी निपटारा दर 91.8 फीसदी रही।
हरियाणा 89.8 फीसदी की दर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। राज्य में दर्ज 2,16,816 मामलों में से 1,94,787 मामलों में कार्रवाई पूरी की गई। वहीं, पंजाब में 91,407 मामलों में से केवल 40,236 में चार्जशीट या फाइनल रिपोर्ट दाखिल हो सकी। पंजाब की निपटारा दर 44 फीसदी रही।
5 प्वाइंट में हिमाचल की स्थिति जानें:-
FIR दर्ज करने की स्थिति: हिमाचल प्रदेश में नए आपराधिक कानूनों के तहत कुल 26,568 मामले दर्ज किए गए हैं।
चार्जशीट दाखिल करने की स्थिति: कुल 26,568 मामलों में से 18,618 मामलों में चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जा चुकी है। हिमाचल की निपटारा दर करीब 70% है, जो पंजाब की 44% दर से बेहतर है।
पुलिस ट्रेनिंग की स्थिति: राज्य के 15,504 पुलिसकर्मियों में से 13,365 यानी 86.2% को नए कानूनों और डिजिटल सिस्टम की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
जेल और फॉरेंसिक ट्रेनिंग: हिमाचल में सभी 65 फॉरेंसिक विशेषज्ञों और 631 जेल कर्मचारियों को नए कानूनों के तहत ट्रेनिंग दी जा चुकी है। यानी दोनों क्षेत्रों में 100% ट्रेनिंग पूरी हो गई है।
न्यायिक अधिकारियों की ट्रेनिंग: राज्य के 152 न्यायिक अधिकारियों में से 85 यानी करीब 56% को नए कानूनों की ट्रेनिंग मिल चुकी है। करीब 44% अधिकारियों की ट्रेनिंग अभी बाकी है
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