July 10, 2026
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  • PM मोदी 17 जुलाई को जींद से हरी झंडी दिखाएंगे

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : भारत के रेलवे इतिहास में 17 जुलाई का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। केंद्र सरकार की ‘हरित परिवहन मिशन’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत देश की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन हरियाणा की पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस ऐतिहासिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रेन का उद्घाटन करेंगे।

यह ट्रेन न केवल भारत की पहली, बल्कि दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन चालित ट्रेन होगी। डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा विशेष रूप से डिजाइन की गई इस 8 कोच वाली ट्रेन का निर्माण चेन्नई की मशहूर ‘इंटीग्रल कोच फैक्टरी’ (ICF) में किया गया है, जिसने हाल ही में अपने सभी सुरक्षा व तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।

हाइड्रोजन फ्यूल जैसी अत्याधुनिक तकनीक से ट्रेन चलाने वाला भारत विश्व का पांचवां देश बन जाएगा। इससे पहले केवल जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन ही इस मुकाम को हासिल कर पाए हैं।

1,200 हॉर्सपावर और 2600 यात्रियों की क्षमता

इस ट्रेन में 1,200 किलोवाट क्षमता वाला अत्याधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है। इस ट्रेन एक बार में रिकॉर्ड 2,638 यात्रियों को सफर कराने की अभूतपूर्व क्षमता रखती है। यह ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे की हाई-स्पीड रफ्तार से पटरियों पर दौड़ेगी, जिससे कम दूरी की यात्रा के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी। इसका किराया 5 रुपए से लेकर 25 रुपए तक होगा।

रोजाना जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाएगी ट्रेन

ट्रेन नंबर 74010 जींद से सोनीपत सुबह 07:40 बजे जींद से प्रस्थान करेगी और दो घंटे का सफर तय कर सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वही ट्रेन नंबर 74009 सोनीपत से जींद वापसी में सुबह 10:40 बजे सोनीपत से प्रस्थान करेगी और दोपहर 1 बजे जींद स्टेशन पर आएगी। यात्रा के दौरान ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भामेवा, ईशापुर खेड़ी, बुताना, खांडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बड़वासनी स्टेशनों पर रुकेगी।

हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज के तहत चलेंगी 35 ट्रेनें

भारत सरकार ने साल 2070 तक देश को ‘नेट-जीरो’ कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य दिया है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए रेलवे की योजना देश के विभिन्न पहाड़ी और विरासत मार्गों पर कुल 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट रैक को हाइड्रोजन ईंधन में अपग्रेड किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रेन की निर्माण लागत करीब 80 करोड़ रुपए होगी, जबकि इन रूट्स पर जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास पर प्रति मार्ग 70 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है।

जींद बनेगा देश का पहला हाइड्रोजन हब

ट्रेन को नियमित ईंधन देने के लिए जींद में 1 मेगावाट (MW) क्षमता वाले अत्याधुनिक पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन (PEM) प्लांट बनाया जा रहा है। यह इलेक्ट्रोलाइजर लगातार संचालन के दौरान हर दिन करीब 430 किलोग्राम शुद्ध हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा। जींद स्टेशन पर 3,000 किलोग्राम हाइड्रोजन भंडारण की विशाल क्षमता होगी, जिसमें कंप्रेसर और प्री-कूलर इंटीग्रेशन वाले दो डिस्पेंसर लगाए जाएंगे ताकि ट्रेन में तेज और सुरक्षित तरीके से ईंधन भरा जा सके।

 

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