- सीएमओ बोले- मुझे इसकी जानकारी नहीं
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के ‘आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं’ वाले बयान पर विवाद गहरा गया है। इसके विरोध में प्रदेशभर की नर्सें मंगलवार को हड़ताल पर चली गईं। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ने कामकाज छोड़कर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने रेणु भाटिया के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
नर्सिंग फेडरेशन ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र भेजकर चेयरपर्सन को पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, भाटिया पहले ही कह चुकी हैं कि मैं माफी नहीं मांगूंगी।
कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में लड़की से रेप की घटना के बाद रेणु भाटिया 7 जून को अस्पताल का दौरा करने पहुंची थीं। यहां उन्होंने प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉ. साराह अग्रवाल समेत ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।
इस दौरान भाटिया ने एक नर्स को कहा- क्या आपकी भी बेटी है? छोड़ू उसे किसी के साथ 15 मिनट एक कमरे में? फिर इस बच्ची को अकेला कैसे छोड़ दिया गया?
उधर, नारनौल में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा- वे स्टाफ नर्स यूनियन से इस मामले को लेकर बात करेंगी। इस मामले में वहां (कुरुक्षेत्र) के CMO को बर्खास्त कर चुके हैं। वह घटना बहुत ही शर्मनाक थी। हालांकि, CMO डॉ. सुखबीर सिंह ने बातचीत में कहा- मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी सिर्फ रेप केस के आरोपी डॉ. शैलेंद्र कुमार शैली की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वह LNJP अस्पताल में फिजिशियन कंसल्टेंट था। शैली कैथल में CMO रहा चुका है। रिटायरमेंट के बाद वह LNJP अस्पताल में आया था।
ओपीडी सुपरविजन और स्टोर की जिम्मेदारी संभाल रही हूं
रेणु भाटिया ने कुरुक्षेत्र सिविल अस्पताल की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर अनिता को फटकार लगाते हुए बेटी वाला बयान दिया था। अनिता ने बताया, “मैं पिछले 20 वर्षों से सेवा दे रही हूं। इससे पहले सीएचसी बराड़ा में कार्यरत थी। एलएनजेपी अस्पताल में मुझे करीब साढ़े चार साल हो चुके हैं। यहां मेरे पास ओपीडी का चार्ज है, जिसमें मुझे सुपरविजन की जिम्मेदारी दी गई है। कौन-सा कर्मचारी क्या काम कर रहा है, इसकी निगरानी करना मेरी ड्यूटी का हिस्सा है।
घटना वाले दिन सुपरविजन ड्यूटी पर थी, डॉ. शैली ने हमें नहीं बुलाया
आगे कहा- डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की जरूरत या मांग को पूरा करने की व्यवस्था भी मैं ही करती हूं। इसके अलावा स्टोर की देखरेख की जिम्मेदारी भी मेरे पास है। 29 तारीख को जो घटना हुई, उस दिन मेरी ड्यूटी सुपरविजन की थी। दूसरी स्टाफ नर्स नेहा की ड्यूटी इंजेक्शन ओपीडी में रहती है। डॉ. शैली ने हमें वहां नहीं बुलाया। हमें इस बारे में कोई सूचना ही नहीं दी गई।”
पीड़िता बेटी जैसी, लेकिन नर्सिंग स्टाफ की कोई भूमिका नहीं
अनिता ने कहा, “रेणु भाटिया ने हमारे बारे में जो कुछ कहा, उससे हमें बहुत दुख हुआ है। वह बच्ची भी हमारी बेटी जैसी है। उसके साथ जो हुआ, उसका हमें भी उतना ही दुख है, लेकिन इस घटना में हमारी कोई भूमिका नहीं है। इसके बावजूद नर्सिंग स्टाफ की संलिप्तता के आरोप लगाए जा रहे हैं।”
हर मरीज की जानकारी नर्सिंग स्टाफ को नहीं होती
उन्होंने कहा, “हमें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीजों की ओपीडी होती है, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को डॉक्टर देखते हैं, इसलिए हर मरीज की जानकारी हमारे पास नहीं होती। मरीज पहले रजिस्ट्रेशन कराकर पर्ची बनवाते हैं और फिर जिस डॉक्टर को दिखाना होता है, चाहे वह सर्जरी विभाग हो या मेडिसिन विभाग, सीधे उसके पास चले जाते हैं।”