June 10, 2026
9 june 9
  • 105 रिश्ते डिजिटली दर्ज, बार-बार नहीं देने होंगे डाक्यूमेंट्स

करनाल ब्रेकिंग न्यूज : हरियाणा सरकार की परिवार पहचान पत्र (PPP) योजना सिर्फ सरकारी योजनाओं का डेटाबेस नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और परिवारों की वास्तविक सामाजिक संरचना को डिजिटल रूप से दर्ज करने का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। प्रदेश में 23.30 लाख से अधिक परिवारों में महिलाओं को परिवार का मुखिया दर्ज किया गया है, जबकि PPP डेटाबेस में 105 प्रकार के पारिवारिक रिश्तों को जोड़ने की सुविधा दी गई है।

PPP के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 77.50 लाख परिवार पहचान पत्र पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से करीब 2.98 करोड़ नागरिकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। यह प्रणाली राज्य के लगभग हर परिवार को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ चुकी है।

23 लाख से ज्यादा परिवारों में महिला मुखिया

PPP के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 23,30,394 परिवारों में महिला को परिवार का मुखिया दर्ज किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ी है और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी उन्हें आसानी हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, परिवार की मुखिया के रूप में महिला का नाम दर्ज होने से कई योजनाओं का लाभ सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंचाने में भी मदद मिल रही है। इसे महिला नेतृत्व और आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

PPP में 105 रिश्तों की पहचान

परिवार पहचान पत्र की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें परिवारों की वास्तविक संरचना को दर्ज करने के लिए 105 प्रकार के रिश्तों को जोड़ने की सुविधा दी गई है। इससे संयुक्त परिवारों, विस्तारित पारिवारिक संरचनाओं और विभिन्न सामाजिक संबंधों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो रहा है।

सरकार का कहना है कि रिश्तों की विस्तृत मैपिंग से लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक हो रही है और योजनाओं में पात्रता तय करने की प्रक्रिया भी मजबूत हुई है। इससे डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ी है।

बार-बार दस्तावेज देने की जरूरत घटी

PPP के जरिए आय, परिवार संरचना और अन्य आवश्यक सूचनाओं का डिजिटल सत्यापन होने से नागरिकों को अलग-अलग विभागों में बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ते। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, छात्रवृत्ति, राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में लाभार्थियों की पहचान इसी डेटाबेस के आधार पर की जा रही है।

पारदर्शी और तकनीक आधारित व्यवस्था

डॉ. सतीश खोला के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में PPP डिजिटल गवर्नेंस का सफल मॉडल बन चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र नागरिक तक बिना भेदभाव और बिना अनावश्यक औपचारिकताओं के योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसके लिए डेटा अपडेट और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *