- छात्रों, अभिभावकों और महिला सहकर्मियों के साथ हमेशा सम्मानजनक और उचित भाषा का उपयोग करे-मुख्य अतिथि
करनाल ब्रेकिंग न्यूज : सुरक्षा और नैतिक आचरण पर जोर, करनाल स्थित आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल में सभी गैर-शिक्षण कर्मचारियों, विशेषकर स्कूल बस ड्राइवरों और उनके सहायकों (हेल्परों) के लिए एक महत्वपूर्ण ‘पॉश’ (POSH ) जागरूकता और प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र के मुख्य अतिथि अंकुर अग्रवाल और शिल्पी (प्रधानाचार्या लाल दयाल स्कूल, मेरठ ) थे। जिन्होंने सुरक्षित माहौल और गरिमापूर्ण व्यवहार पर चर्चा करते हुए सभी ड्राइवरों व सहायकों को कार्यस्थल पर नैतिक आचरण, पेशेवर व्यवहार और लैंगिक संवेदनशीलता के बारे में विस्तार से समझाया। सत्र में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि स्कूल बसों में सफर करने वालों (विशेषकर महिला कर्मी और छात्राओं) के साथ बातचीत और व्यवहार करते समय किस प्रकार की मर्यादा और आदर का ध्यान रखना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि छात्रों, अभिभावकों और महिला सहकर्मियों के साथ हमेशा सम्मानजनक और उचित भाषा का उपयोग करना। भाषा एक ऐसा रूप है जिसका सुंदर प्रयोग प्रत्येक के जीवन को सुखमय बना सकता है ।
हर कोई खुद को सुरक्षित महसूस करे
स्कूल परिसर और बसों के भीतर एक ऐसा सुरक्षित और समावेशी माहौल तैयार किया जाना चाहिए। जहां हर कोई खुद को सुरक्षित महसूस करे और अपनी इच्छानुसार कहीं भी आने – जाने की आजादी महसूस करे एवं पॉक्स’ कानून के तहत आने वाले नियमों और उल्लंघन की स्थिति में होने वाली सख्त कानूनी कार्रवाइयों से सभी कर्मचारियों को अवगत कराया गया। सभी कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर कार्य करते हुए हमें खुद की और स्थान की सफाई का ध्यान रखने के लिए अवगत करवाया गया ।
बच्चों की सुरक्षा स्कूल की सर्वोच्च प्राथमिकता है
स्कूल प्रबंधन तथा प्रधानाचार्या रेनू राघव ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्राइवरों और सहायकों की समाज और बच्चों के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, इसलिए उन्हें समय-समय पर इस तरह की ट्रेनिंग देकर जागरूक करना बेहद जरूरी है। प्रशिक्षण के अंत में सभी ड्राइवरों और सहायकों ने स्कूल के नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने का संकल्प लिया।