करनाल में गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पूर्व को लेकर निर्मल कुटिया सेक्टर 12 में आज 52 अखंड पाठ गुरु ग्रंथ साहब जी के हुए आरंभ

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करनाल: करनाल में गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पूर्व को लेकर निर्मल कुटिया सेक्टर 12 में आज 52 अखंड पाठ गुरु ग्रंथ साहब जी के आरंभ हुए

करनाल में गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पूर्व को लेकर निर्मल कुटिया सेक्टर 12 में आज 52 अखंड पाठ गुरु ग्रंथ साहब जी के आरंभ हुए जिनके भोग 12 नवंबर को गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पर्व जो पूरे विश्व भर में मनाया जा रहा है. उस दिन डाले जाएंगे और उसी के साथ एक विशाल समागम होगा कीर्तन कथा वाचक पहुंचकर संगत को निहाल करेंगे, वही गुरु का लंगर भी अटूट वरताया जा रहा है !

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वैसे तो निर्मल कुटिया में 24 घंटे ही लंगर चलता रहता है इसी के साथ ही करनाल के सभी हॉस्पिटलों में भी मरीजों को यहां से लंगर भेजा जाता है सेवादार खुद जाकर वहां लंगर देकर सेवा करते हैं साथ मरीजों के परिजनों को भी लंगर शकाया जाता है !

करनाल निर्मल कुटिया में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पूर्व विश्व बड़ी धूमधाम से मना रहा है उसी कड़ी में निर्मल कुटिया में गुरु नानक देव जी का गुरपूर्व मनाया जा रहा है हर साल पहले भी यहां और नानक देव जी का गुरु पर्व मनाया जाता है लेकिन अबकी बार कुछ अलग ही है !

करनाल में गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पूर्व को लेकर निर्मल कुटिया सेक्टर 12 में आज 52 अखंड पाठ गुरु ग्रंथ साहब जी के आरंभ हुए जिनके भोग 12 नवंबर को गुरु नानक देव जी के 550 में प्रकाश पर्व जो पूरे विश्व भर में मनाया जा रहा है उस दिन डाले जाएंगे और उसी के साथ एक विशाल समागम होगा कीर्तन कथा वाचक पहुंचकर संगत को निहाल करेंगे वही गुरु का लंगर भी अटूट वरताया जा रहा है !

वैसे तो निर्मल कुटिया में 24 घंटे ही लंगर चलता रहता है इसी के साथ ही करनाल के सभी हॉस्पिटलों में भी मरीजों को यहां से लंगर भेजा जाता है सेवादार खुद जाकर वहां लंगर देकर सेवा करते हैं साथ मरीजों के परिजनों को भी लंगर शकाया जाता है !

करनाल निर्मल कुटिया में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना था कि गुरु नानक देव जी ने 550 साल पहले जो मानवता के लिए किया था वह कोई नहीं कर सकता और गुरु नानक देव जी किसी एक के संत नहीं थी वह सारी मानवता के संत थे और उन्होंने ही लंगर की शुरुआत की थी ₹20 का लंगर साधुओं को छुपाया था उसी से ही आज तक जितना भी आप देख सकते हैं कि लंगर चल रहे हैं उनका कहना था कि हम सुल्तानपुर लोधी भी जा कर आए हैं वहां के भी दर्शन किए हैं बहुत ही अच्छा लगा और हम गुरु नानक देव जी के प्रकाश पूरब पर पूरे विश्व को बधाई देते हैं

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